भारत बनाम न्यूजीलैंड: अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में वो सिर्फ फॉर्म में नहीं, बल्कि फियर फैक्टर बन चुके हैं। नागपुर में खेले गए पहले टी20 मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 48 रनों से हराया, सीरीज की शानदार शुरुआत की-और इस जीत का केंद्रबिंदु अभिषेक का विस्फोटक पारी रहा।
जामथा के फ्लैट विकेट पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 238/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो मैच के शुरू होने के साथ ही न्यूजीलैंड के लिए कठिन कार्य बन गया।
अभिषेक शर्मा: पावर, टाइमिंग और इरादे का परफेक्ट मिक्स
अभिषेक शर्मा का अंदाज़ अब पहचान बन चूका है- शुरुआती इरादे, निडर दृष्टिकोण और गेंदबाज़ों पर सीधा दबाव। सिर्फ 35 गेंदों में 84 रन, जिसमें 8 छक्के और 5 चौके, और ब्लैक कैप्स के फील्डर्स ज्यादा तर दर्शक ही नजर आए।
शुरुआत में उन्हें जैकब डफी के ख़िलाफ़ नज़र डालने में सिर्फ़ 5 गेंदें लगीं। उसके बाद जो पहला सिक्स साइट स्क्रीन की तरफ गया, वही से क्लियर हो गया था कि ये शाम गेंदबाज़ों के लिए मुश्किल होने वाली है।
एक्सपर्ट के तौर पर देखें तो अभिषेक की सबसे बड़ी ताकत उनकी बैट-स्पीड और स्ट्रेट बैट स्विंग है। न्यूजीलैंड के पास एक्सप्रेस की गति का कोई गेंदबाज नहीं था, और 130-135 किमी प्रति घंटे की गति उनके लिए बिल्कुल कम्फर्ट जोन बन गई। क्रिस्टियन क्लार्क और काइल जैमीसन की डिलीवरी फेदरबेड पिच पर रस्सी के पार जाती रही।
मिडिल ऑर्डर में रिंकू सिंह का फिनिशिंग मास्टरक्लास
जब संजू सैमसन (10) और ईशान किशन (8) अपनी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाए, तब अभिषेक ने जिम्मेदारी संभाली और कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ 47 गेंदों में 99 रन की साझेदारी बनाई।
सूर्यकुमार (22 में से 32) अपने बेस्ट टच में नहीं लग रहे थे, लेकिन अभिषेक के ऑल-आउट अटैक ने उन्हें टाइम दिया। बीच-बीच में उनके शॉट्स-जैसे कवर के जरिए बैक-फुट पंच और बिहाइंड स्क्वॉयर सिक्स-क्लास की झलक दिख गई, लेकिन ओवरऑल रिदम अभी गायब है।
अंत ओवरों में रिंकू सिंह (20 में से 44)* ने बिल्कुल वही भूमिका निभाई जिसके लिए वो जाने जाते हैं। डेरिल मिशेल के आखिरी ओवर में 21 रन ठोक कर रिंकू ने भारत को एक लगभग अविश्वसनीय टोटल तक पहुंचा दिया।
न्यूजीलैंड का रन चेस : इरादा था, दबाव ज्यादा निकला
238 का लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड को ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन ने थोड़ी उम्मीद जरूर दी। डोनो ने मिलकर सिर्फ 7 ओवर में 79 रन जोड़े, और कुछ शॉट्स वाकई डरावने थे।
फिलिप्स ने 40 गेंदों में 78 रन बनाए, जो आक्रामक था, लेकिन स्कोरबोर्ड पर दबाव इतना ज़्यादा था कि गति बरकरार नहीं रह पाई। भारत के गेंदबाजों ने स्मार्टली लेंथ और पेस मिक्स किया
भारतीय गेंदबाजों का अनुशासित प्रयास
गेंदबाजी में भी भारत ने संतुलित दिखाया। अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या ने शुरुआती सफलताएं दीं, जिसका पीछा करने की नींव ही हिल गई।
बीच के ओवरों में वरुण चक्रवर्ती (2/37) ने अपनी निरंतरता दिखाई- सही समय पर विकेट और रन-फ्लो पर ब्रेक। न्यूज़ीलैंड की टीम अंत तक संघर्ष करती रही, लेकिन अंतिम स्कोर 190/7 हाय पाहुंच पाया।
एक्सपर्ट टेक: क्यों इंडिया T20s में अभी Unbeatable लगती है
पिछले 12 महीनों में अगर कोई एक प्रारूप है जहां भारत लगभग अपराजेय है, तो वह टी20आई है। और इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि टीम के पास अब रोल क्लियरिटी + निडर युवाओं का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है।
अभिषेक शर्मा का केआरए बिल्कुल स्पष्ट है-विपक्षी गेंदबाजों को शुरू से ही दबाव में डालना। और जब ओपनिंग इतनी क्रूर हो तो मध्यक्रम को आजादी मिल जाती है।
नागपुर T20I सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि एक स्टेटमेंट परफॉर्मेंस थी- कि होम वर्ल्ड कप से पहले इंडिया अपनी बैटिंग डेप्थ और इरादे दोनों के साथ तैयार है।

